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चेन्नई, 21 सितंबर 2026: भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय खारा जलकृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-CIBA) में 14 सितंबर 2026 से 21 सितंबर 2026 तक हिंदी सप्ताह का गरिमामय आयोजन किया गया। इस सप्ताह भर चले आयोजन का मुख्य उद्देश्य संस्थान के दैनिक कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना और सभी कर्मचारियों के बीच इसके प्रति सकारात्मक उत्साह जगाना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. के. अम्बासंकर (प्रधान, एनजीबीडी एवं कार्यकारी निदेशक, आईसीएआर-सीबा) ने की। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रभारी हिंदी कक्ष श्री नवीन कुमार झा के आत्मीय एवं प्रेरणादायी स्वागत भाषण से हुई। समारोह का कुशल मंच संचालन प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. सुजीत कुमार (प्रधान वैज्ञानिक) द्वारा किया गया।

इस विशेष समारोह के माननीय मुख्य अतिथि, श्री ईश्वर करुण थे।   श्री करुण ने अपने संबोधन में भारत की विविधता को रेखांकित करते हुए सभी भारतीय भाषाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश की भाषाई समृद्धि ही उसकी असली ताकत है।   मुख्य अतिथि के विशिष्ट परिचय में उल्लेख किया गया है कि वे तमिल और हिंदी भाषा के ऐतिहासिक संगम एवं सेतु के रूप में अनेक महत्वपूर्ण साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्य कर चुके हैं। इसी संदर्भ को जोड़ते हुए उन्होंने संस्थान में हिंदी के सहज उपयोग पर जोर दिया।

इस अवसर पर संस्थान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और अनुसंधान कार्यों को समेटे हुए ‘वार्षिक प्रतिवेदन 2025’ (Annual Report 2025) का आधिकारिक तौर पर विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि, कार्यकारी निदेशक एवं सम्पादक मंडल के सदस्यों ने संयुक्त रूप से इस प्रतिवेदन का विमोचन किया।

विविध प्रतियोगिताएं और पुरस्कार वितरण

हिंदी सप्ताह के दौरान संस्थान के वैज्ञानिक, तकनीकी और प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए कई तरह की साहित्यिक और व्यावहारिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें प्रमुख रूप से नोटिंग एवं टिप्पण प्रतियोगिता, शब्दावली प्रतियोगिता, गीत एवं काव्य प्रतियोगिता,  ‘हिंदी क्विज (प्रश्नोत्तरी) प्रतियोगिता’ शामिल रही। समारोह के अंतिम चरण में मुख्य अतिथि श्री ईश्वर करुण और गणमान्य मंच द्वारा सभी सफल विजेताओं को पुरस्कार तथा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।